एमए (न्यू मीडिया कम्युनिकेशंस)
एमए (न्यू मीडिया कम्युनिकेशंस)
अवधि : दो वर्ष
पाठ्यक्रम निदेशक : प्रो. (डॉ.) अनुभूति यादव
कुल सीटें : 120
न्यू मीडिया कम्युनिकेशंस पाठ्यक्रम इस बात की व्यापक समझ प्रदान करता है कि डिजिटल प्रौद्योगिकियाँ सूचना के अनुसंधान, सृजन, वितरण और उपभोग को किस प्रकार पुनर्परिभाषित कर रही हैं। यह सोशल मीडिया, मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म, इमर्सिव कंटेंट तथा रीयल-टाइम अंतःक्रियाओं से प्रभावित तीव्र गति से विकसित हो रहे संचार परिदृश्य का अध्ययन करता है। विद्यार्थी पत्रकारिता, जनसंपर्क, विज्ञापन, मनोरंजन तथा नागरिक सहभागिता पर न्यू मीडिया के परिवर्तनकारी प्रभाव का अन्वेषण करते हैं, जिसमें एल्गोरिद्म, डेटा एनालिटिक्स, ऑडियंस व्यवहार तथा सहभागितापूर्ण संस्कृति पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यह अंतर्विषयी पाठ्यक्रम सैद्धांतिक रूपरेखाओं और व्यावहारिक अधिगम का समन्वय करता है, जिससे विद्यार्थियों को डिजिटल संचार के क्षेत्र में आलोचनात्मक रूप से सोचने और रणनीतिक रूप से कार्य करने के लिए सक्षम बनाया जाता है। मीडिया अनुसंधान, उत्पादन और प्रबंधन के समन्वित अध्ययन के माध्यम से यह पाठ्यक्रम शिक्षार्थियों को प्रौद्योगिकी-प्रेरित विश्व में अनुकूलनशील संचारक तथा परिवर्तन के प्रभावी प्रबंधक बनने के लिए तैयार करता है। विद्यार्थी मीडिया डिज़ाइन में भी व्यावहारिक कौशल विकसित करेंगे—जहाँ वे आकर्षक, उपयोगकर्ता-केंद्रित डिजिटल सामग्री का निर्माण करना सीखेंगे, साथ ही कलात्मक सृजनात्मकता और इंटरैक्टिव मीडिया के निर्माण हेतु आवश्यक तकनीकी उपकरणों का भी अध्ययन करेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एनीमेशन और विज़ुअल इफेक्ट्स पर विशेष बल के साथ यह पाठ्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए आदर्श है जो डिजिटल स्टोरीटेलिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी अथवा मीडिया नवाचार के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने की आकांक्षा रखते हैं। पाठ्यक्रम के अंत तक विद्यार्थी डिजिटल मीडिया संचार के भविष्य को आत्मविश्वासपूर्वक समझने, उसमें सक्रिय भूमिका निभाने तथा उसे आकार देने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से सुसज्जित होंगे।
पाठ्यक्रम के उद्देश्य
- मीडिया एवं संचार प्रौद्योगिकियों के विकास का वैचारिक तथा ऐतिहासिक अवलोकन प्रदान करना, जिसमें भारतीय संदर्भ में डिजिटल रूपांतरण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
- शिक्षार्थियों को क्रिएटर इकोनॉमी से परिचित कराना तथा भारत के तीव्र गति से विस्तारित हो रहे डिजिटल परिदृश्य में कंटेंट, वाणिज्य और संस्कृति के अभिसरण का अध्ययन कराना।
- विद्यार्थियों को मीडिया-टेक, ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म, डिजिटल मार्केटिंग तथा कंटेंट नवाचार के उभरते हुए करियर अवसरों के लिए तैयार करना, जिसमें स्थानीय तथा वैश्विक दोनों प्रकार की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
- कंटेंट सृजन, वितरण, ऑडियंस सहभागिता तथा मीडिया मुद्रीकरण पर डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, मोबाइल प्रौद्योगिकियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव का परीक्षण करना।
- कंटेंट स्ट्रैटेजी, सोशल मीडिया प्रबंधन, ऑडियंस एनालिटिक्स, प्लेटफ़ॉर्म ऑप्टिमाइज़ेशन तथा डिजिटल स्टोरीटेलिंग में व्यावहारिक कौशल विकसित करना।
- न्यू मीडिया से संबंधित विनियामक रूपरेखाओं, नैतिक मुद्दों तथा सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभावों का समालोचनात्मक मूल्यांकन करना, जिसमें समावेशन, स्थानीयकरण तथा एल्गोरिद्मिक पूर्वाग्रह जैसे मुद्दे शामिल हों।


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